नानी तेरी मोरनी को मोर ले गए
नानी तेरी मोरनी को मोर ले गए....
बाकी जो बचा था काले चोर ले गए।
कभी सोचा है नानी कौन होती है? जी हां सही सोच रहे हैं नानी तो हमारी मां की भी मां होती है। प्यारी यादें मीठी बातें.... याद आते ही मन खुश हो जाए वो है नानी।
मैं किसी बालगीत का उपहास करू,ऐसा उद्देश्य तो नहीं है बस एक विचार जो अक्सर आपको भीड़ से अलग बनाता है मैं बस उसे सोचूँ तो बहुत कुछ है इस बात में... कि नानी तेरी मोरनी को मोर ले गए... बाकी जो बचा था काले चोर ले गए। मेरे साथ कुछ देर के लिए थोड़ा हटकर सोचिए.... नानी की मोरनी कौन है???
मैं असहाय हूं या सही अनुमान लगा पाना सचमुच कठिन है...
मेरी नानी मेरी माँ को कभीं गौरैया कभी चिड़िया तो कभी मोरानी कहा करती थी ऐसा मेरी माँ ने मुझे बताया था।
तो नानी की मोरानी को काले चोर ले गए? एक बार सुनकर हंसी आ जाती है मगर यह कितना गंभीर है। मेरी माँ जो नानी की मोरानी है उसे मोर ले गए और बाकी जो भी बचा था उसे काले चोर ले गए ।
मोरानी की जोड़ी मोर के साथ बनी जिसे इस समाज ने स्वीकृति दी मगर मोरानी का समाज में सम्मान कैसे बढ़े? जब नानी मोरानी के ससुराल वालों को भरपूर दहेज देगी और, यह केवल विवाह तक सीमित नहीं है। पूरी दुनिया में सम्मान बनाए रखने के लिए नानी सभी रिश्तेदारों का मान रखते रखते खुद ही अपनी दौलत लुटा देती है। काले चोर तो चोरी करके चलें जाते हैं मगर मान के भूखे रिश्तेदार अवसरवादी होते हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा बनाये रखने के लिए विवाह करवाते हैं और बाकी पूरा जीवन उस प्रतिष्ठा का बोझ वो नानी ही ढोती है जिसकी मोरानी को मोर ले गए थे। यह केवल मेरा एक दृष्टिकोण है मेरा उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं है। इस प्रसंग के माध्यम द्वारा यह बताना है कि ऐसे भी लोग अक्सर होते हैं जो अपना सम्मान करवाना दूसरों की जिम्मेदारी समझते हैं क्यूंकि वे प्रतिष्ठित सामाजिक प्राणी है।
मैंने इस बाल कविता के कुछ बोल केवल प्रतीक रूप के लिए उपयोग किए हैं। समझने के लिए बहुत कुछ है कहने को बहुत कुछ है।
धन्यवाद
पूजा कंवर
Samaj ka sach
ReplyDeleteSach hi to h
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